दिल्ली में छत्तीसगढ़ के समाजसेवी प्रवीण झा सम्मानित, उद्योग और सेवा क्षेत्र में योगदान को मिली पहचान

दिल्ली में छत्तीसगढ़ के समाजसेवी प्रवीण झा सम्मानित, उद्योग और सेवा क्षेत्र में योगदान को मिली पहचान

Bihari Swabhimaan Sammelan 2026 में हुआ सम्मान; मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की मौजूदगी में युवाओं और राष्ट्र निर्माण पर हुई चर्चा

बिलासपुर। नई दिल्ली में आयोजित Bihari Swabhimaan Sammelan 2026 में छत्तीसगढ़ के उद्योग एवं सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय प्रवीण चंद्र झा को उनके सामाजिक सरोकारों, सेवा कार्यों और उद्योग के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया। समारोह में मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रवीण झा अपनी अर्धांगिनी कल्पना झा के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए।

समारोह के दौरान मंच पर प्रवीण झा को अंगवस्त्र एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य अतिथि मौजूद रहे। सम्मान मिलने पर उपस्थित लोगों ने प्रवीण झा का अभिनंदन किया।

उद्योग के साथ सामाजिक सेवा में भी सक्रिय भूमिका

प्रवीण चंद्र झा छत्तीसगढ़ में उद्योग के साथ-साथ सामाजिक गतिविधियों और सेवा कार्यों से जुड़े रहे हैं। समाज के विभिन्न वर्गों के लिए किए जा रहे उनके प्रयासों और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सक्रिय भूमिका को देखते हुए उन्हें इस मंच पर सम्मानित किया गया।

सम्मान समारोह के दौरान प्रवीण झा ने कहा कि उनके लिए यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी को और मजबूती से निभाने की प्रेरणा है।

“सम्मान की असली खुशी तब, जब समाज के काम आए”

प्रवीण झा ने अपने संबोधन में कहा कि किसी भी सम्मान की असली खुशी तब होती है, जब वह समाज और लोगों के लिए किए गए कार्यों के लिए मिले। उन्होंने कहा कि समाज और लोगों से मिलने वाला प्यार एवं सम्मान उन्हें भविष्य में भी सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में सफलता का अर्थ केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करना नहीं है। व्यक्ति जिस मुकाम तक पहुंचता है, वहां तक पहुंचने में समाज और लोगों का भी योगदान होता है। इसलिए अपनी क्षमता और अनुभव का उपयोग समाज के हित में करना भी हमारी जिम्मेदारी है।

उद्योग और सामाजिक जिम्मेदारी को बताया एक-दूसरे का पूरक

प्रवीण झा ने कहा कि उद्योग और सामाजिक जिम्मेदारी को अलग-अलग नहीं देखा जाना चाहिए। उद्योग के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करना जितना महत्वपूर्ण है, उतना ही जरूरी है कि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए अपनी क्षमता के अनुसार सहयोग किया जाए।

उन्होंने कहा कि समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए आर्थिक गतिविधियों के साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक जिम्मेदारी को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

युवाओं को सही दिशा और अवसर देने पर जोर

अपने संबोधन में प्रवीण झा ने युवा शक्ति की भूमिका पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी प्रतिभा और ऊर्जा से भरपूर है। जरूरत इस बात की है कि युवाओं को सही दिशा, अवसर और मार्गदर्शन मिले।

उन्होंने कहा कि शिक्षा, तकनीक, उद्यमिता और सामाजिक जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ने वाला युवा न केवल अपने परिवार बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

उन्होंने कहा कि जो लोग जीवन में आगे बढ़ चुके हैं, उन्हें अपने साथ दूसरों को भी आगे बढ़ाने का प्रयास करना चाहिए। किसी युवा को अवसर देना, किसी जरूरतमंद की सहायता करना अथवा किसी बच्चे की शिक्षा में सहयोग करना—समाज के लिए किया गया हर छोटा प्रयास महत्वपूर्ण है।

मेजर जनरल जी.डी. बख्शी ने दिया राष्ट्र निर्माण का संदेश

कार्यक्रम में मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की मौजूदगी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। उन्होंने अपने संबोधन में देश, समाज, युवा शक्ति, अनुशासन और जिम्मेदारी जैसे विषयों पर विचार रखे।

उन्होंने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने तथा अपनी क्षमता का सकारात्मक उपयोग करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में युवा पीढ़ी की भूमिका महत्वपूर्ण है और युवाओं को अपनी ऊर्जा एवं प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाना चाहिए।

मेजर जनरल जी.डी. बख्शी की मौजूदगी ने समारोह को विशेष गरिमा प्रदान की। मंच पर प्रवीण झा के सम्मान एवं संवाद को भी कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया।

सामाजिक सरोकार, नेतृत्व और उद्यमिता पर चर्चा

सम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने सामाजिक सरोकार, युवा शक्ति, नेतृत्व, उद्यमिता और समाज के विकास जैसे विषयों पर विचार साझा किए। आयोजन का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों में कार्य कर रहे लोगों को एक मंच पर लाना और सामाजिक जुड़ाव को मजबूत करना रहा।

प्रवीण झा ने कहा कि ऐसे आयोजन लोगों को एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने और समाज के लिए मिलकर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक सोच और सहयोग की भावना को मजबूत करना आज की आवश्यकता है।

कल्पना झा भी रहीं मौजूद

इस अवसर पर प्रवीण झा की अर्धांगिनी कल्पना झा भी उनके साथ मौजूद रहीं। सम्मान समारोह में परिवार की मौजूदगी ने आयोजन को आत्मीय बना दिया।

प्रवीण झा ने कहा कि जीवन में मिलने वाली उपलब्धियों के पीछे परिवार, समाज और सहयोग करने वाले लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

शुभसीता फाउंडेशन और आयोजन समिति का जताया आभार

प्रवीण झा ने शुभसीता फाउंडेशन की संस्थापिका मनोरमा जी, कन्वेनर रोहन जी एवं पूरी आयोजन समिति का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन सामाजिक जुड़ाव और सकारात्मक विचारों को आगे बढ़ाने का प्रभावी माध्यम हैं।

उन्होंने इस सम्मान को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को और मजबूती से निभाने की प्रेरणा बताते हुए कहा कि भविष्य में भी वे अपनी क्षमता के अनुसार सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों में योगदान देते रहेंगे।

NewsKarma निष्कर्ष

नई दिल्ली में आयोजित Bihari Swabhimaan Sammelan 2026 में प्रवीण चंद्र झा का सम्मान छत्तीसगढ़ से जुड़े उनके औद्योगिक और सामाजिक योगदान को राष्ट्रीय मंच पर मिली पहचान के रूप में सामने आया। समारोह में उद्योग, सामाजिक जिम्मेदारी, युवा शक्ति और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों पर विचार साझा किए गए। प्रवीण झा ने सम्मान को समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी और सेवा भावना को आगे बढ़ाने की प्रेरणा बताया।

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